🌹देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽतोखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।🌹
🌹भावार्थ:- देवताओं ने कहा शरणापन्न की पीड़ा निवारक देवि! हमारे ऊपर प्रसन्न होइए। सम्पूर्ण जगत् की जननी! प्रसन्न होओ। हे विश्वेश्वरि! विश्व का त्राण करो। हे देवि! तुम्हीं चराचर विश्व की अधिष्ठात्री हो।🌹
🌹।🌹 🌹
No comments:
Post a Comment