Tuesday, 1 December 2020

 


☘️ प्रातः स्मरामि गणनाथमनाथबन्धुं सिन्दूरपूरपरिशोभितगण्डयुग्मम्। उद्दण्डविघ्नपरिखण्डनचण्डदण्डमाखण्डलादिसुरनायकवृन्दवन्द्यम्। ☘️

☘️ 'अनाथों के बन्धु, सिन्दूरसे शोभायमान दोनों गण्डस्थलवाले, प्रबल विघ्न का नाश करनेमें समर्थ एवं इन्द्रादि देवों से नमस्कृत श्रीगणेशका मैं प्रातःकाल स्मरण करता हूँ। '☘️

☘️आपका मंगल हो। आप सर्वदा स्वस्थ और सुखी रहें आपकी मनोकांक्षा पूर्ण हो ऐसी प्रार्थना करता हूँ। ☘️

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Sanskrit mantras

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